काल सर्प दोष, ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण दोष माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन में बाधाएं, संघर्ष और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है। इस दोष के निवारण के लिए काल सर्प दोष निवारण यंत्र, विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं, जिसमें सही पूजा सामग्री का होना बेहद जरूरी है। इस लेख में हम आपको काल सर्प दोष पूजा सामग्री सूची (Kaal Sarp Dosh Puja Samagri list), उनके महत्व और सही उपयोग की विस्तृत जानकारी देंगे, ताकि आप पूजा विधि को पूर्णता और श्रद्धा के साथ संपन्न कर सकें, और पूजन के समय कोई सामग्री चूक न हो।
काल सर्प दोष पूजा सामग्री सूची / Kaal Sarp Dosh Puja Samagri list
| Samagri Name | Quantity |
|---|---|
| श्री फल | 2 |
| सुपारी | 11 |
| लौंग | 10 ग्राम |
| इलायची | 10 ग्राम |
| पान के पत्ते | 7 |
| रोली | 100 ग्राम |
| मोली | 5 गोली |
| जनेऊ | 11 |
| कच्चा दूध | 100 ग्राम |
| दही | 100 ग्राम |
| देशी घी | 1 किलो ग्राम |
| शहद | 50 ग्राम |
| शक्कर | 500 ग्राम |
| साबुत चावल | 1 किलो 250 ग्राम |
| पंच मेवा | 250 ग्राम |
| पंच मिठाई | किलो ग्राम |
| ॠतु फल | श्रद्धा अनुसार |
| फूल माला,फूल | 5 |
| धूप, अगरबत्ती | 1-1 पैकेट |
| हवन सामग्री | 1किलो ग्राम |
| जौ | 500 ग्राम |
| काले तिल | 1 किलो ग्राम |
| कमल गठ्ठा | 20 रू |
| लाल चन्दन | 20 रू |
| पीली सरसों | 20 रू |
| गुग्गल | 20 रू |
| जटामसी | 20 रू |
| तिल का तेल | 1 किलो ग्राम |
| सूखा बेल गीरी | 20 रू |
| भोज पत्र | 20 रू |
| मिट्टी के बड़ा दीया | 2 |
| मिट्टी के छोटे दीये | 11 |
| रूई | 1पैकेट |
| नव ग्रह समिधा | 1 पैकेट |
| गोला | 1 |
| काली मिर्च | 100 ग्राम |
| पीला कपड़ा | सवा मीटर |
| कपूर | 11 टिक्की |
| लोहे की कटोरी | 1 |
| दोने | 1 पैकेट |
| आम के पत्ते | 11पत्ते |
| आम की लकडियां | 5 किलो ग्राम |
| साबुत उडद की दाल | 250 ग्राम |
| लकड़ी की चौकी | 1 |
| बेल पत्री | 11 |
| शिव लिंग | 1 |
| नाग | 9 |
| काल सर्प दोष निवारण यंत्र | क्लिक करें |
नोट : श्रीफल को चिकना नारियल भी कहते है। शक्कर गुड वाली होनी चाहिए। चावल टूटे हुए न हो।पंच मेवा मे बादाम, छुवारे, किशमिश, मखाने, काजू पांच होने चाहिए। पंच मिठाई में बुन्दी के लड्डू, बर्फी, बेसन के लड्डू या बर्फी, मिल्क केक, कलाकन्द, नारियल की बर्फी या कोई भी सुखी मिठाई लेनी है। ॠतु फल मौसम के कोई भी पांच फल लेने है।जिसमे केला, आनार लेना जरूरी है।तीन फल कुछ भी मौसम वाले फल ले सकते है। सूखा बेल फल बिल्व पत्री वाले फल को कहते है। भगवती श्रृंगार में अपने हाथ की चूड़ियाँ, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, हार, माला,कंघी, दर्पण, सैंट, जो आप उपयोग में स्वयं के लिए लाते है।भगवती की साड़ी काले, नीले रंग की ना हो।
सुनार से चांदी की देवी की मूर्ति में सोने की बिंदी मस्तक में लगवा दे। दूध,दही प्रत्येक दिन चाहिए। पान के पत्ते प्रत्येक दिन चाहिए। दूध,दही प्रत्येक दिन चाहिए। बेल ( बिल्व ) पत्री प्रत्येक दिन चाहिए। कुण्डली लगा के बैठे हुए 9 नाग (सर्प ) होने चाहिए। पान के पत्ते प्रत्येक दिन चाहिए।आटे का घी में चूर्ण ( कषार, महाभोग ) सूखा प्रसाद बनाना है। पूजन कोई भी हो लकडी की चौकी जरूर होनी चाहिए। अगर आप स्वयं भी पूजन कर रहे हो या करवा रहे हो।
FAQ – काल सर्प दोष पूजा सामग्री सूची / Kaal Sarp Dosh Puja Samagri list
काल सर्प दोष पूजा में कौन-कौन सी सामग्री आवश्यक होती है?
काल सर्प दोष पूजा के लिए आमतौर पर नाग-नागिन की जोड़ी, काल सर्प दोष निवारण यंत्र, पंचमेवा, पुष्प, दूर्वा, बेलपत्र, अभिषेक के लिए जल, दूध, शहद, गंगाजल, धूप, दीपक और पीला वस्त्र आवश्यक होते हैं।
क्या पूजा सामग्री खुद खरीदनी चाहिए या पंडित जी लेकर आते हैं?
अधिकतर मामलों में पंडित जी पूरी सामग्री साथ लाते हैं, लेकिन आप चाहें तो शुद्धता और विश्वास के लिए स्वयं भी सामग्री की व्यवस्था कर सकते हैं।
काल सर्प दोष पूजा सामग्री कहां से खरीदी जा सकती है?
यह सामग्री किसी भी धार्मिक स्टोर, मंदिर परिसर, या ऑनलाइन पूजा सामग्री वेबसाइट से खरीदी जा सकती है।
पूजा सामग्री में नाग-नागिन की जोड़ी का क्या महत्व है?
नाग-नागिन की जोड़ी शिव भगवान और माता पार्वती के प्रतीक माने जाते हैं, जो काल सर्प दोष निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्या काल सर्प दोष पूजा सामग्री एक बार ही इस्तेमाल होती है?
कुछ सामग्री जैसे फूल, बेलपत्र, फल आदि एक बार के उपयोग के लिए होती है, जबकि यंत्र और नाग-नागिन की प्रतिमा को पूजा के बाद घर या मंदिर में रखा जा सकता है।
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