सामान्य नव ग्रह शान्ति हवन सामग्री | Navagrah Shanti Havan Samagri

जीवन में नव ग्रह का विशेष महत्व है, नव ग्रह की स्थिति हमारे जीवन के आर्थिक और पारिवारिक जीवन में होने वाले हर शुभ और अशुभ का कारक ग्रह ही होते है, इसलिए जब कभी जीवन में समस्या और परेशानियाँ आने लगती है तो नव ग्रह शान्ति हवन कराया जाता है जिससे परिवार में शांति बने रहे:-

1) श्री फल              =1
2) सुपारी                = 11
3)लौंग                  = 10 ग्राम
4)इलायची              = 10 ग्राम
5) पान के पत्ते         = 7
6) रोली                  =1 पैकेट
7) मोली                  = 1गोली
8) जनेऊ                  = 7
9) कच्चा दूध           =  100 ग्राम
10) दही                  = 100 ग्राम
11) देशी घी            = 1 किलो ग्राम
12) शहद                = 250 ग्राम
13) शक्कर            =  250 ग्राम
14) साबुत चावल. = 1 किलो 250 ग्राम
15)  पंच मेवा         = 250 ग्राम
16) पंच मिठाई      = 500  ग्राम
17) ॠतु फल          = श्रद्धा अनुसार
18) फूल माला,फूल    = 5
19)धूप, अगरबत्ती       =1-1पैकेट
20) हवन सामग्री        = 1किलो ग्राम
21) जौ                      = 250 ग्राम
22) काले तिल             = 250 ग्राम
23)मिट्टी के बड़ा दीया     =1
24) रूई                    = 1पैकेट
25) पीला कपड़ा          =सवा मीटर
26) कपूर                  = 11 टिक्की
27) दोने                      = 1 पैकेट
28) आम के पत्ते          = 11पत्ते
29) आम की लकडियां  = 2 किलो ग्राम


नोट : श्रीफल को चिकना नारियल भी कहते है। शक्कर गुड वाली होनी चाहिए। चावल टूटे हुए न हो।पंच मेवा मे बादाम, छुवारे, किशमिश, मखाने, काजू पांच होने चाहिए। पंच मिठाई में बुन्दी के लड्डू, बर्फी, बेसन के लड्डू या बर्फी, मिल्क केक, कलाकन्द, नारियल की बर्फी या कोई भी सुखी मिठाई लेनी है।

ॠतु फल मौसम के कोई भी पांच फल लेने है।जिसमे केला, आनार लेना जरूरी है।तीन फल कुछ भी मौसम वाले फल ले सकते है। सूखा बेल फल बिल्व पत्री वाले फल को कहते है। भगवती श्रृंगार में अपने हाथ की चूड़ियाँ, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, हार, माला,कंघी, दर्पण, सैंट, जो आप उपयोग में स्वयं के लिए लाते है।

भगवती की साड़ी काले, नीले रंग की ना हो।सुनार से चांदी की देवी की मूर्ति में सोने की बिंदी मस्तक में लगवा दे। दूध,दही प्रत्येक दिन चाहिए। पान के पत्ते प्रत्येक दिन चाहिए। दूध,दही प्रत्येक दिन चाहिए। बेल ( बिल्व ) पत्री प्रत्येक दिन चाहिए। कुण्डली लगा के बैठे हुए 9 नाग (सर्प ) होने चाहिए।

पान के पत्ते प्रत्येक दिन चाहिए।आटे का घी में चूर्ण ( कषार, महाभोग ) सूखा प्रसाद बनाना है। पूजन कोई भी हो लकडी की चौकी जरूर होनी चाहिए। अगर आप स्वयं भी पूजन कर रहे हो या करवा रहे हो।


भगवानम डॉट कॉम पर हमने आपके लिए कुछ नए भाग भी जोडें है जिससे आपको और भी अन्य जानकारियां प्राप्त होती रहे जैसे | पौराणिक कथाएं | भजन संध्या | आरती संग्रह | व्रत कथाएं | चालीसा संग्रह | मंत्र संग्रह | मंदिर संग्रह | ब्लॉग | इन्हें भी पढ़ें और अपने विचार हमें कमेंट में बताये जिससे हम समय पर अपडेट करते रहे। हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें यू ट्यूब चेनल, इन्स्टाग्राम और फेसबुक से।

Scroll to Top