महामृत्यूञ्जय, मृत्युञ्जय, रूद्री पाठ, नव ग्रह मंत्र जप पूजन सामग्री | Puja Samagri List
1) श्री फल =1
2) सुपारी = 11
3)लौंग = 10 ग्राम
4)इलायची =10 ग्राम
5) पान के पत्ते = 7
6) रोली =100 ग्राम
7) मोली = 5 गोली
8) जनेऊ = 11
9) कच्चा दूध = 100 ग्राम
10) दही = 100 ग्राम
11) देशी घी = 1 किलो ग्राम
12) शहद = 50 ग्राम
13) शक्कर = 500 ग्राम
14) साबुत चावल. = 1 किलो 250 ग्राम
15) पंच मेवा = 250 ग्राम
16) पंच मिठाई = 1किलो ग्राम
17) ॠतु फल = श्रद्धा अनुसार
18) फूल माला,फूल = 5
19)धूप, अगरबत्ती =1-1 पैकेट
20) हवन सामग्री = 1किलो ग्राम
21) जौ = 500 ग्राम
22) काले तिल =1 किलो ग्राम
23) कमल गठ्ठा =20 रू
24) लाल चन्दन = 20 रू
25) पीली सरसों = 20 रू
26) गुग्गल = 20 रू
27) जटामसी = 20 रू
28) तिल का तेल = 1 किलो ग्राम
29) सूखा बेल गीरी = 20 रू
30)भोज पत्र =20 रू
31)मिट्टी के बड़ा दीया = 2
32) मिट्टी के छोटे दीये =11
33) रूई = 1पैकेट
34) नव ग्रह समिधा = 1 पैकेट
35) गोला = 1
36) काली मिर्च = 100 ग्राम
37) पीला कपड़ा = सवा मीटर
38) कपूर = 11 टिक्की
39)लोहे की कटोरी = 1
40) दोने = 1 पैकेट
41) आम के पत्ते = 11पत्ते
42)आम की लकडियां = 5किलो ग्राम
43) साबुत उडद की दाल = 250 ग्राम
44) लकड़ी की चौकी = 1
- सत्यनारायण व्रत कथा पूजा सामग्री (Satyanarayan vrat Pooja Samagri)
- सामान्य नव ग्रह शान्ति हवन सामग्री | Navagrah Shanti Havan Samagri
नोट : श्रीफल को चिकना नारियल भी कहते है। शक्कर गुड वाली होनी चाहिए। चावल टूटे हुए न हो।पंच मेवा मे बादाम, छुवारे, किशमिश, मखाने, काजू पांच होने चाहिए। पंच मिठाई में बुन्दी के लड्डू, बर्फी, बेसन के लड्डू या बर्फी, मिल्क केक, कलाकन्द, नारियल की बर्फी या कोई भी सुखी मिठाई लेनी है। ॠतु फल मौसम के कोई भी पांच फल लेने है।जिसमे केला, आनार लेना जरूरी है।तीन फल कुछ भी मौसम वाले फल ले सकते है।
सूखा बेल फल बिल्व पत्री वाले फल को कहते है। भगवती श्रृंगार में अपने हाथ की चूड़ियाँ, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, हार, माला,कंघी, दर्पण, सैंट, जो आप उपयोग में स्वयं के लिए लाते है।भगवती की साड़ी काले, नीले रंग की ना हो।सुनार से चांदी की देवी की मूर्ति में सोने की बिंदी मस्तक में लगवा दे। दूध,दही प्रत्येक दिन चाहिए। पान के पत्ते प्रत्येक दिन चाहिए।
दूध,दही प्रत्येक दिन चाहिए। बेल ( बिल्व ) पत्री प्रत्येक दिन चाहिए। कुण्डली लगा के बैठे हुए 9 नाग (सर्प ) होने चाहिए। पान के पत्ते प्रत्येक दिन चाहिए।आटे का घी में चूर्ण ( कषार, महाभोग ) सूखा प्रसाद बनाना है।
पूजन कोई भी हो लकडी की चौकी जरूर होनी चाहिए। अगर आप स्वयं भी पूजन कर रहे हो या करवा रहे हो।
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