मंगला गौरी व्रत 2025 व्रत, विधि और महत्व | Mangala Gauri Vrat 2025

मंगला गौरी व्रत 2025 व्रत, विधि और महत्व | Mangala Gauri Vrat 2025

हिन्दू धर्म में व्रत और पूजा को लेकर मान्यताओ का बहुत महत्व है आगामी मंगला गौरी व्रत माता पार्वती को पूर्णतः समर्पित है और यह सावन मास के प्रत्येक मंगलवार को किया जाता है। विवाहित महिलाएं इस व्रत (Mangala Gauri Vrat 2025) को अपने पति की लंबी आयु के लिए रख रही हैं। कहते है इस दिन माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है जिसमें 16 प्रकार की वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। मान्यता है कि इस व्रत से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है। तो आज इस लेख में हम आपको बताते है मंगला गौरी व्रत कैसे करते हैं और व्रत से सम्बंधित सभी जानकारियां देने वाले है तो आइये स्मरण करें :-

इसे भी पढ़ें – मंगला गौरी व्रत कथा (Mangala Gauri vrat katha)

मंगला गौरी व्रत का महत्व

हिन्दू धर्म में मंगला गौरी व्रत बहुत शुभ माना गया है। यह व्रत देवी पार्वती के पूजन के लिए रखा जाता है। इस व्रत को विवाहित महिलाये ही रखती है क्यूंकि यह पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए होता हैं। यह व्रत श्रावण माह में प्रत्येक मंगलवार को रखा जाता है जो की परमपिता शिव और शक्ति रूप माता पार्वती जी की पूजन के लिए किया जाता है।

शास्त्र कहते है जो भी महिला मंगला गौरी व्रत कथा का पालन और पूजन पूरी श्रद्धा के साथ करती है जिससे पति की लंबी उम्र, संतान सुख, परिवार में खुशहाली और कुंडली में मांगलिक दोष का प्रभाव कम होता है। इस व्रत को पति की कामना करने वाली स्त्रियाँ भी कर सकती है जिससे उनको भी अच्छे पति की वरदान भगवान् देते है।

मंगला गौरी व्रत पूजन सामग्री एवं विधि

इस व्रत में 16 का विशेष महत्व है जैसे 16 श्रंगार , 16 प्रकार के फल फूल, सामग्री इत्यादि

एक वेदी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर देवी माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।

इस मंत्र के साथ संकल्प लें – मम पुत्रापौत्रासौभाग्यवृद्धये श्रीमंगलागौरीप्रीत्यर्थं पंचवर्षपर्यन्तं मंगलागौरीव्रतमहं करिष्ये।’

माता पार्वती को स्नान कराएं।

सोलह शृंगार की सामग्री अर्पित करें और खुद भी करें।

पूजा में 16 प्रकार के फल, फूल, पत्ते, मिठाई और अन्य सामग्री चढ़ाएं, क्योंकि इस उपवास में सोलह की संख्या का खास महत्व है।

माता के सामने घी का दीपक जलाएं।

फिर इस मंत्र के साथ अर्पित करें – कुंकुमागुरुलिप्तांगा सर्वाभरणभूषिताम्। नीलकण्ठप्रियां गौरीं वन्देहं मंगलाह्वयाम्…।।’

मंगला गौरी व्रत कथा सुनें या पढ़ें।

अंत में माता पार्वती की भव्य आरती करें।

देवी की स्तुति मंत्रों का जाप करें।

अंत में सभी गलतियों के लिए क्षमा मांगे।

पूजा में तामसिक चीजों से परहेज करें।

व्रती सिर्फ फलाहार करें और अपनी श्रद्धा अनुसार व्रत रखें।

अगले दिन उपवास का पालन करें।

देवी मंगला गौरी का ध्यान मंत्र (Mangala Gauri Vrat 2025)

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः। नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताःस्म ताम् ।। श्रीगणेशाम्बिकाभ्यां नमः, ध्यानं समर्पयामि।

अर्थात –  देवी महादेवी शिवा को प्रणाम, आपको सदैव प्रणाम। मैं शुभ प्रकृति को प्रणाम करता हूँ और हम उन्हें भक्तिपूर्वक नमन करते हैं। ॐ श्री गणेश और अम्बिका, मैं आपको अपना ध्यान अर्पित करता हूँ।

उमामहेश्वराभ्यां नमः।

अर्थात – उमा और महेश्वर को नमस्कार।

ह्रीं मंगले गौरि विवाहबाधां नाशय स्वाहा।

अर्थात – ह्रीं मंगले गौरी विवाह में आने वाली बाधाओं का नाश करें।

अस्य स्वयंवरकलामंत्रस्य ब्रम्हा ऋषि, अतिजगति छन्दः, देवीगिरिपुत्रीस्वयंवरादेवतात्मनो अभीष्ट सिद्धये

अर्थात – इस स्वयंवर काल मंत्र के ऋषि ब्रह्मा हैं, मंत्र अतिजगति है, देवीगिरि की पुत्री स्वयंवर देवता के मनोवांछित फल की पूर्ति के लिए

गण गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया।
मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम् ।।

अर्थात – गण गौरी शंकरार्धांगी, क्योंकि आप भगवान शिव को प्रिय हैं। मुझे शुभ बनाओ, प्रिय, प्रिय, दुर्लभ पाओ।

मंगला गौरी व्रत में विशेष ध्यान रखें (Mangala Gauri vrat)

मंगला गौरी व्रत पूजा के दिन भोजन नहीं करना चाहिए, जिस प्रकार पूर्णिमा व्रत और सावन सोमवार व्रत में नमक नहीं खाने का विधान है ठीक वैसे ही मंगला गौरी व्रत में भी बताया गया है और इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए और स्त्रियों को श्रंगार के साथ इस दिन तैयार रहना चाहिए जिन लोगो ने व्रत रखा है इस तरह देवी प्रसन्न होती है।


भगवानम डॉट कॉम पर हमने आपके लिए कुछ नए भाग भी जोडें है जिससे आपको और भी अन्य जानकारियां प्राप्त होती रहे जैसे | पौराणिक कथाएं | भजन संध्या | आरती संग्रह | व्रत कथाएं | चालीसा संग्रह | मंत्र संग्रह | मंदिर संग्रह | ब्लॉग | इन्हें भी पढ़ें और अपने विचार हमें कमेंट में बताये जिससे हम समय पर अपडेट करते रहे। हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें यू ट्यूब चेनल, इन्स्टाग्राम और फेसबुक से।

Scroll to Top