
मेरो मुख नीको कि तेरो राधा प्यारी भजन लिरिक्स
Tero Mukh Neeko ki tero Radha pyari | Indresh ji
मेरो मुख नीको कि तेरो राधा प्यारी भजन लिरिक्स यह सुन्दर भजन इन्द्रेश जी महाराज के स्वर में गाया हुआ है और भजन के पद जो की एक कथावाचक और संगीतकार दोनों है बहुत सुन्दर और मधुर भजन (Tero Mukh Neeko ki tero Radha pyari) इन्द्रेश उपाध्याय जी के मधुर स्वर में लिरिक्स प्रस्तुत है तो आइये स्मरण करें इस मुग्ध कर देने वाले भजन को :-
Shri Indresh Upadhyay Ji Bhajan Lyrics
मेरो मुख नीको, कि तेरो राधा प्यारी ।।
मेरो मुख नीको, कि तेरो राधा प्यारी ।।
दरपन लिये बैठो मृग नैनी,
साची कहो वृषभानु-दुलारी,
साची कहो वृषभानु-दुलारी,
मेरो मुख नीको, कि तेरो राधा प्यारी ।।
हम से कहो, तुम ही क्यों न देखो,
हम गोरी तुम श्याम बिहारी,
मेरो मुख जैसो चंदा उजियारो,
तुमरो मुख जैसे रैन अंधियारी,
मेरो मुख नीको, कि तेरो राधा प्यारी ।।
तेरो नयनन में मोटो-मोटो कजरा,
हमरे नयन में तुम बनवारी,
तुम तो नख पर गिरिवर धार्यो,
हम उर धारि रहे गिरधारी,
मेरो मुख नीको, कि तेरो राधा प्यारी ।।
सूर श्याम या छवि की शोभा,
इन नयनन सो टरत ना टारी,
तर्पण हाथ लिए नंदनंदन,
मेरो मुख नीको, कि तेरो राधा प्यारी ।।
संगीत गायक – इन्द्रेश उपाध्याय जी (भक्तिपथ) (Swar Indresh ji maharaj)
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इन्द्रेश जी महाराज जो की प्रसिद्द कथावाचक कृष्णा चन्द्र शाश्त्री जी के पुत्र भी है, इन्द्रेश उपाध्याय जी एक प्रसिद्ध युवा कथावाचक हैं, जिन्होंने भागवत कथा, राम कथा, और सनातन धर्म को जनमानस तक पहुँचाने का कार्य पूरे समर्पण से किया है। पढ़ें इन्द्रेश उपाध्याय महाराज जीवन परिचय, कथा सेवा व भक्ति पथ के बारे में और इन्द्रेश जी महाराज भजन लिरिक्स




