
काली कमली ने ऐसा रंग डाला भजन लिरिक्स
Kaali Kamli ne Aisa Rang Daala Bhajan Lyrics
काली कमली ने ऐसा रंग डाला भजन लिरिक्स यह सुन्दर भजन इन्द्रेश जी महाराज के स्वर में गाया हुआ है और भजन के पद जो की एक कथावाचक और संगीतकार दोनों है बहुत सुन्दर और मधुर भजन (Kaali Kamli ne Aisa Rang Daala Bhajan Lyrics) इन्द्रेश उपाध्याय जी के मधुर स्वर में लिरिक्स प्रस्तुत है तो आइये स्मरण करें इस मुग्ध कर देने वाले भजन को :-
Shri Indresh Upadhyay Ji Bhajan Lyrics
काली कमली ने ऐसा रंग डाला,
के रंग कोई चडता नहीं ।।
काली कमली ने ऐसा रंग डाला,
के रंग कोई चडता नहीं ।।
रूप भी काला, रंग भी काला,
फिर भी गज़ब कर डाला।
काले रंग ने दीवाना कर डाला,
के रंग कोई चडता नहीं ॥
काली कमली ने ऐसा रंग डाला,
के रंग कोई चडता नहीं ।।
टेढ़ी चित्तवन, टेढ़ी अदा है,
जिस पे दिल यह फ़िदा है।
श्याम प्यारे ने ऐसा जादो डाला,
के रंग कोई चडता नहीं ॥
काली कमली ने ऐसा रंग डाला,
के रंग कोई चडता नहीं ।।
तेरे नैना कारे कारे,
हम पे जादू डारे।
तेरी नजरो ने हमे मार डाला,
के रंग कोई चडता नहीं ॥
काली कमली ने ऐसा रंग डाला,
के रंग कोई चडता नहीं ।।
ऐसा रंग डाला मेरा सब कुछ रंग गया।
और रंग धुल गए इक श्याम रंग चढ़ गया ।।
संगीत गायक – इन्द्रेश उपाध्याय जी (भक्तिपथ) (Swar Indresh ji maharaj)
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इन्द्रेश जी महाराज जो की प्रसिद्द कथावाचक कृष्णा चन्द्र शाश्त्री जी के पुत्र भी है, इन्द्रेश उपाध्याय जी एक प्रसिद्ध युवा कथावाचक हैं, जिन्होंने भागवत कथा, राम कथा, और सनातन धर्म को जनमानस तक पहुँचाने का कार्य पूरे समर्पण से किया है। पढ़ें इन्द्रेश उपाध्याय महाराज जीवन परिचय, कथा सेवा व भक्ति पथ के बारे में और इन्द्रेश जी महाराज भजन लिरिक्स


