छगन मगन मेरे लाल को आजा निंदिया आ / Chagan Magan Mere Lal ko Bhajan Lyrics

पढ़िए प्रसिद्द कथावाचक और संगीतकार इंद्रेश जी महाराज भजन लिरिक्स और कथा संवाद (Indresh ji Maharaj Bhajan Lyrics)
पढ़िए प्रसिद्द कथावाचक और संगीतकार इंद्रेश जी महाराज भजन लिरिक्स और कथा संवाद (Indresh ji Maharaj Bhajan Lyrics)

छगन मगन मेरे लाल को आजा निंदिया आ भजन लिरिक्स यह सुन्दर भजन इन्द्रेश जी महाराज के स्वर में गाया हुआ है और भजन के पद जो की एक कथावाचक और संगीतकार दोनों है बहुत सुन्दर और मधुर भजन (Chagan Magan Mere Lal ko Bhajan Lyrics) इन्द्रेश उपाध्याय जी के मधुर स्वर में लिरिक्स प्रस्तुत है तो आइये स्मरण करें इस मुग्ध कर देने वाले भजन को :-

Shri Indresh Upadhyay Ji Bhajan Lyrics

छगन मगन मेरे लाल को,
आजा निंदिया आ,
छगन मगन मेरे लाल को,
आजा निंदिया आ..
चंचल मोहन श्याम के,
नैनं बीच समा,
आजा री निंदिया लाल को,
मैया रही है बुलाए,
छगन मगन मेरे लाल को,
आजा निंदिया आ ।।

जप तप पूजा पाठ सो,
विधि न दिया मोहे लाल,
सोजा कन्हैया लाडले,
मैया बजावे ताल,
कैसे सुलाऊ लाल को,
धीरे धीरे लोरी गा,
छगन मगन मेरे लाल को,
आजा निंदिया आ ।।

सोवे कन्हैया पालनो,
बाँकी है छवि अभिराम,
आंगन की शोभा है मेरो,
मनमोहन घनश्याम,
आजा री निंदिया लाल को,
मैया रही तोकू बुलाए,
छगन मगन मेरे लाल को,
आजा निंदिया आ ।।

संगीत गायक – इन्द्रेश उपाध्याय जी (भक्तिपथ) (Swar Indresh ji maharaj)

इसे भी पढ़ें – मेरो मन वृंदावन में अटको भजन लिरिक्स o

इन्द्रेश जी महाराज जो की प्रसिद्द कथावाचक कृष्णा चन्द्र शाश्त्री जी के पुत्र भी है, इन्द्रेश उपाध्याय जी एक प्रसिद्ध युवा कथावाचक हैं, जिन्होंने भागवत कथा, राम कथा, और सनातन धर्म को जनमानस तक पहुँचाने का कार्य पूरे समर्पण से किया है। पढ़ें इन्द्रेश उपाध्याय महाराज जीवन परिचय, कथा सेवा व भक्ति पथ के बारे में और इन्द्रेश जी महाराज भजन लिरिक्स

Scroll to Top