जिसके सिर पे तेरा हाथ हो माँ | Jiske sir pe hath tera ho Maa Lyrics

जिसके सिर पे तेरा हाथ हो माँ Jiske sir pe hath tera ho Maa Lyrics

( Rani sati dadi bhajan lyrics )

जिसके सिर पे तेरा हाथ हो माँ उसकी किस्मत का फिर तो क्या कहना,
देने वाली तू ही इक मइयां कब से तरसे मेरे ये दो नैना,
जिसके सिर पे तेरा हाथ हो माँ उसकी किस्मत का फिर तो क्या कहना,

तन भी तेरा है मन भी तेरा माँ तेरा तुझपे किया मैंने अर्पण,
चार दिन की जो है ज़िंदगानी है ये जीवन तुम्ही पे समर्पण,
डोर कच्ची है जीवन की मेरी बाह पकड़ लो करो न अब देरी,

देर न कर कही भुज न जाए मेरे हिरदय का दीपक कही माँ,
आस है तुझसे जो मेरी मैया दर्श के बिन भुजे न ये नैना,
दूर न कर तेरे चरणों से माँ,
प्राण रोटे हुए निकले न,
जिसके सिर पे तेरा हाथ हो माँ उसकी किस्मत का फिर तो क्या कहना,

चल कपट माँ कुछ भी न चाहु,
न ही चाहु मैं महलो में रहना,
सिर झुके जो तेरे दर के आगे और इसको झुकने न देना,
पावन हो ना पायेगा जीवन अगर तेरा साथ सुनील संग हो न,
देने वाली तू ही इक मइयां कब से तरसे मेरे ये दो नैना,
जिसके सिर पे तेरा हाथ हो माँ उसकी किस्मत का फिर तो क्या कहना,


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