बरसाने वाली की कृपा का क्या कहना भजन लिरिक्स
Barsane vale ki kripa ka kya kehna lyrics
मेरी राधा रानी की, मेरी श्यामा प्यारी की, बरसाने वाली की,
कृपा का क्या कहना, कृपा का क्या कहना
राधा नाम का लिया सहारा,
डूबी किश्ती को मिला किनारा ।
कीरति कुमारी की, वृषभान दुलारी की,
सखी अनसुखकारी की,
कृपा का क्या कहना, कृपा का क्या कहना ॥
राधा नाम की जो लगन लगाए,
पाप ताप संताप मिटाए ।
वृन्दावन रानी की, मनमोहन मोहिनी की,
रसिकन हितकारी की,
कृपा का क्या कहना, कृपा का क्या कहना ॥
गुण अवगुण पर डाले न दृष्टि,
राधा रानी के आधीन है सृष्टि ।
श्री नित्त विहारिन की, सर्वोपरि स्वामिन की,
घोरी सुकुमारी की,
कृपा का क्या कहना, कृपा का क्या कहना ॥
‘चित्र विचित्र’ इस दर के भिखारी,
लालड़ली लाल ने किस्मत सवारी ।
मेरी राधा रानी की, मेरी श्यामा प्यारी की,
बरसाने वाली की,
कृपा का क्या कहना, कृपा का क्या कहना ॥
भगवानम डॉट कॉम पर हमने आपके लिए कुछ नए भाग भी जोडें है जिससे आपको और भी अन्य जानकारियां प्राप्त होती रहे जैसे | पौराणिक कथाएं | भजन संध्या | आरती संग्रह | व्रत कथाएं | चालीसा संग्रह | मंत्र संग्रह | मंदिर संग्रह | ब्लॉग | इन्हें भी पढ़ें और अपने विचार हमें कमेंट में बताये जिससे हम समय पर अपडेट करते रहे। हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें यू ट्यूब चेनल, इन्स्टाग्राम और फेसबुक से।




