Sarva Mangal Mangalye Lyrics – क्या आप बिना स्त्री के संसार की कल्पना कर सकते है? जवाब है नहीं! क्योंकि नारी या देवी के बिना शक्ति होना संभव नहीं है, और इस संसार में शक्ति के रूप में हम माता पार्वती के नौ दुर्गा रूप को हम सभी नवरात्रि के पावन दिनों में पूजते हैं।
क्या आप जानते हैं नवरात्रि में पूजी जाने वाली अष्टमी यानी की आठवीं महाशक्ति माता को समर्पित यह सर्व मंगल मांगल्ये मंत्र कितना शक्तिशाली है। तो आइए आपको उसके अर्थ सहित उसकी व्याख्या पूर्ण रूप से समझते हैं।
सर्व मंगल मांगल्ये मंत्र | Durga Mantra | Sarva Mangal Mangalye Lyrics
हमारे सनातन धर्म में जितने भी सनातनी है सभी लोग पूजा प्रारंभ करने से पहले शुभ कार्य को पूर्ण करने की कामना के साथ इस मंत्र का उच्चारण अवश्य करते हैं इससे उनके सारे कार्य माता संपन्न करती है और उनको अपने कार्य में सफलता देती हैं।
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
दुर्गा मंत्र
शरन्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
सर्व मंगल मांगल्ये मंत्र भावार्थ
भावार्थ – यह मन्त्र दुर्गासप्तशति पाठ का है, इसका हिन्दी अर्थ यह है कि :- हे माँ नारायणी तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगलमयी माता हो, कल्याणदायिनी शिवा हो, सब पुरुषार्थो को सिद्ध करनेवाली हो, शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी भी तुम ही हो। हे माँ दुर्गा हम आपके श्री चरणों में नमस्कार करते है। सभी मनोरथ को पूरा करने वाली, सद्बुद्धि देने वाली, त्रिकालदर्शी, भूत भविष्य और वर्तमान में व्याप्त हे माँ आपको प्रणाम है।
यदि कभी अनिश्चितकालीन विपदा आ जाए तो निरंतर इसका मन में जाप करने से शीघ्र समस्या समाप्त हो जाएगी, बस आपके मन में भक्ति और श्रद्धा होनी चाहिए।
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