चंद्र ग्रहण 2025: तिथि, समय, सूतक काल और सम्पूर्ण जानकारी

Chandra Grahan 2025 Date, Time, Sutak, and Complete Details

भारत सहित पूरे विश्व में 2025 का चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रहा है। यह ग्रहण 7 सितंबर 2025 को लगेगा और भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्रों में चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) का विशेष महत्व बताया गया है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे:

  •  चंद्र ग्रहण 2025 की तिथि और समय (Date & Time in India)
  •  सूतक काल कब से लगेगा (Sutak Time Today)
  •  आज ग्रहण कितने बजे लगेगा?
  •  आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व
  •  ग्रहण के समय क्या करें और क्या न करें
  •  सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण में अंतर

चंद्र ग्रहण क्या होता है?

चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) तब लगता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुँच पाती। इससे चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ जाती है और हमें आकाश में चंद्रमा धुंधला या लालिमा लिए हुए दिखाई देता है।

भारतीय शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण का समय आध्यात्मिक साधना, मंत्र जाप और दान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

चंद्र ग्रहण 2025 की तिथि और समय (Chandra Grahan 2025 in India Date and Time in Hindi)

  •  चंद्र ग्रहण की तिथि (Date): 7 सितंबर 2025 (रविवार)
  •  ग्रहण का आरंभ (Start Time): सुबह 06:11 बजे IST
  •  ग्रहण का मध्य (Maximum Eclipse): सुबह 07:44 बजे IST
  •  ग्रहण का अंत (End Time): सुबह 09:17 बजे IST
  •  कुल अवधि (Duration): लगभग 3 घंटे 6 मिनट

“आज चंद्र ग्रहण कितने बजे लगेगा?” (aaj chandra grahan kitne baje lagega), तो इसका उत्तर है – सुबह 06:11 से शुरू होकर 09:17 बजे तक।

सूतक काल (Chandra Grahan 2025 Sutak Time in India)

हिंदू धर्म में ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल (Sutak) शुरू हो जाता है। इस अवधि में धार्मिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

  • सूतक प्रारंभ (Sutak Begins): 6 सितंबर 2025 की रात 09:11 बजे
  •  सूतक समाप्त (Sutak Ends): 7 सितंबर 2025 सुबह 09:17 बजे (ग्रहण समाप्ति के साथ)
  • चंद्र ग्रहण का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
  • शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण का समय तपस्या और साधना के लिए विशेष होता है।
  •  इस समय किया गया मंत्र जाप सामान्य दिनों की तुलना में हज़ार गुना अधिक फलदायी होता है।
  •  ग्रहण के समय दान और पूजा-पाठ से पाप कर्म नष्ट होते हैं।
  •  ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर भगवान का ध्यान करने से आध्यात्मिक शुद्धि मिलती है।

चंद्र ग्रहण के समय क्या करें और क्या न करें

 करना चाहिए (Do’s)

  • मंत्र जाप करें (विशेषकर महा मृत्युंजय मंत्र और गायत्री मंत्र)।
  •  ध्यान और साधना करें।
  •  ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें।
  •  गरीबों और ज़रूरतमंदों को दान करें।

नहीं करना चाहिए (Don’ts)

  • भोजन और जल ग्रहण न करें।
  •  धार्मिक कार्य और पूजा-पाठ से बचें।
  •  सोना और नए काम शुरू करना वर्जित है।

चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व

वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। यह हमें पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को समझने में मदद करता है।

इस समय वैज्ञानिक खगोल विज्ञान (Astronomy) से जुड़े प्रयोग करते हैं और लोग आकाश में इस अद्भुत दृश्य का आनंद लेते हैं।

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण में अंतर

  • सूर्य ग्रहण (Surya Grahan): जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है।
  •  चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan): जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है।

दोनों ही घटनाएँ हिंदू धर्म और विज्ञान दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

7 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025 in India) धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह ग्रहण सुबह 06:11 बजे से 09:17 बजे तक भारत में दिखाई देगा।

यदि आप सोच रहे हैं “आज का ग्रहण कब लगेगा?” या “सूतक कब से कब तक रहेगा?”, तो उत्तर है – 6 सितंबर की रात 09:11 बजे से 7 सितंबर सुबह 09:17 बजे तक।

इस ग्रहण का समय साधना, मंत्र जाप और दान के लिए उत्तम है।


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