गुरुजी दरस बिन जियरा मोरा तरसे भजन लिरिक्स

गुरु पूर्णिमा भजन - Guru Purnima Bhajan Lyrics

गुरुजी दरस बिन जिया मोरा तरसे,
गुरु जी मेरे नैनन में जल बरसे ,
गुरु जी दरस बिन जियरा मोरा तरसे,

मैं पापन अब उनकी दासी,
कैसे करें प्रभु निज की दासी,
काया कपत है तेरे डर से,, हो
गुरुजी दरस बिन जियरा मोरा तरसे,,,,

पतित उदाहरण नाम तुम्हारा,
दीजे गुरु जी मुझको सहारा,
देखो दया और प्रेम नजर से,,,हो
गुरुजी दरस बिन जियरा मोरा तरसे,,,,

तुम बिन और न पालक मेरा,
ब्रह्मानंद भरोसा तेरा,
(हाय कैसे कटे उमरिया मोरी,आस ही आस में बीती जाए,,,
हमरे नैन दरस बिन तरसे,बालम तुझ बिन कछु ना सुहाय,,,
तेरी प्रीत के कारण हाय,मोसे रूठे अपने पराए,,,
सब जग रूठे तुम ना रूठो, रुठो तो गजब हुए जाए,,,)
तुम बिन और न पालक मेरा,
ब्रह्मानंद भरोसा तेरा,
विनती करत हूं तेरे दर पे,,, हो
गुरुजी दरस बिन जियारा मोरा तरसे,,,


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