शिव भजन श्रंखला में प्रस्तुत है एक और लोकप्रिय भजन ‘जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना’ तो आइये स्मरण करें :-
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना | Jatadhari Banke Tripurari Banke Chale Aana
. जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम ओघड रूप में आना
भूत साथ लेके
मुंड हाथ लेके चले आना.
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम भंगिया रूप में आना
जोला हाथ लेके
भंग साथ लेके चले आना
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम जोगिया रूप में आना
डमरू हाथ लेके नंदी साथ लेके चले आना
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम मोहिनी रूप में आना
गंगा साथ लेके चंदा माथे लेके चले आना
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम भोले रूप में आना
गोरा साथ लेके त्रिशूल हाथ लेके चले आना
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
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