Kaal Sarp Dosh : ज्योतिष में कहा गया है जिसकी कुंडली में काल सर्प दोष आ जाता है उसका जीवन निरर्थ के सामान हो जाता है क्यूंकि ज्योतिष विद्या में काल सर्प दोष को बहुत ही हानिकारक और अनिष्टकारक योग माना गया है। पीड़ित के जीवन में अधिक संघर्ष कारना पढता है कभी कभी तो उसका संघर्ष भी व्यर्थ जाता है तो चलिए विस्तार से जानते है काल सर्प दोष की पूजा विधि, फायदे और कालसर्प दोष के लक्षण साथ ही कालसर्प दोष पूजा सामग्री।
जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है तो उस व्यक्ति को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुंडली में काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित होता है। इसलिए कालसर्प दोष की पूजा विधि विधान के साथ होना बेहद आवश्यक है। आइए जानते हैं कालसर्प दोष क्या है, कालसर्प दोष की पूजा विधि और फायदे और कालसर्प दोष के लक्षण।
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काल सर्प दोष क्या है साथ ही उसके लक्षण
| 1) काल सर्प दोष जिसकी कुंडली में होता है उसको प्रायः सपने में मृत लोग दिखते है मृत्यु का भय एवं उसको हानि पहुचने वाले स्वप्न आते है |
| 2) जिस व्यक्ति के जीवन में काल सर्प दोष होता है उसे जीवन में बहुत संघर्ष अधिक और परिणाम सूक्ष्म मिलते है आवश्यकता के समय उसका सब साथ छोड़ । |
| 3) कालसर्प से पीड़ित व्यक्ति के कारोबार पर काफी नकारात्मक असर पड़ता हैनौकरी व्यापर में हनी का सामना करना पढता है। |
| 4) इसके अलावा नींद में शरीर पर सांप को रेंगते या डसते हुए देखना। |
| 5) बात-बात पर जीवनसाथी से वाद विवाद होना रात में बार बार नींद खुलना भी काल सर्प दोष का ही लक्षण है। |
| 6) इसके अलावा काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को सपने में बार-बार लड़ाई झगड़ा दिखाई देना। |
| 7) काल सर्प दोष के कारण व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होता है। साथ ही सिर दर्द, त्वचारोग आदि भी कालसर्प दोष के लक्षण है। |
काल सर्प दोष के लक्षण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतु के बीच जब सभी ग्रह आ जाते हैं तब काल सर्प दोष योग का निर्माण होता है।
काल सर्प दोष के उपाय एवं निवारण
कालसर्प दोष के कारन पीड़ित व्यक्ति के जीवन में व्यक्तिगत भी पढता है साथ ही संघर्ष कई मामलो में अधिक हो जाता है इस स्थिति में इसका निवारण जड़ी करना बहुत आवश्यक है यदि सही समय में इसका निवारण न किया जाये तो परिणाम अधिक अनिष्टकारी भी हो सकते है।
जैसे जातक के साथ उसके परिवार को हानि, जातक को व्यापर का बंद होना या नौकरी छुटना, दुर्घटना या मृत्यु जैसी या अक्सिडेंट हो जाना, परिवार में क्लेश, झगडा इत्यादि इसके लिए इसका निवारण जल्द कराये एवं काल सर्प दोष पूजा आसान सामग्री से ही करा लें। चलिए आगे बढ़ते है आपको बताते है काल सर्प दोष के प्रभाव को कुछ कम करने के लिए कुछ आसान उपाय जो हमने कालसर्प दोष विशेषज्ञ पंडित जी से जाने है।
| 1) काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को घर या शिवालय में जाकर प्रतिदिन शिवलिंग की पूजा अभिषेक करना चाहिए। |
| 2) प्रदोष तिथि के दिन शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करना विशेष लाभकारी होता है। |
| 3) इसके अलावा उस व्यक्ति को रोजाना कुल देवता की रोजाना प्रतिदिन आराधना करनी चाहिए। |
| 4) प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए । |
| 5) इसके अलावा हनुमान चालीसा का रोजाना 11 बार पाठ करना चाहिए । |
| 6) कालसर्प से पीड़ित व्यक्ति को अपने घर में मोरपंख रखने चाहिए । |
काल सर्प दोष पूजा के लाभ
- अगर व्यक्ति कालसर्प पूजा से ही व्यक्ति को रजत मिलती है ।
- साथ ही साथ आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
- इतना ही नहीं आपके घर परिवार में भी शांति स्थिर होती है।
- व्यापार में आ रही समस्याएं समाप्त हो जाती है। और व्यापार में विकास होने लगता है।
- नौकरीपेशा लोगों को पद प्रतिष्ठा मिलती है और उनके पद में उन्नति होती है।
- आर्थिक समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।
- काल सर्प दोष पूजा के बाद व्यक्ति का वैवाहिक जीवन काफी अच्छा हो जाता है।
काल सर्प दोष पूजा विधि | Kaal Sarp Dosh
- कालसर्प निवारण के लिए पूजा वाले दिन व्रत रखें। साथ ही साथ ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- इसके बाद शिवलिंग का रुद्राभिषेक अवश्य करें।
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप निश्चित रूप से करें।
- नागों के देवता की पूजा करें और सांप की मूर्ति को दूध अर्पित करें।
- नाग गायत्री मंत्र का जाप करें – “ॐ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात”।
- आप “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।
- नाग पंचमी के दिन भगवान शिव और विष्णु की पूजा करने से काल सर्प योग के प्रभाव को कम किया जा सकता शास्त्रोक्त अनुसार है।
कालसर्प दोष पूजा सामग्री लिस्ट यहाँ से प्राप्त करें –
Kaal Sarp Dosh Puja Samagri List ….
इसे भी पढ़ें – काल सर्प दोष निवारण यंत्र — प्रभाव, पूजा विधि और 2025 के प्रमुख उपाय
कालसर्प दोष पूजा कहा होती है?
कालसर्प दोष पूजा नासिक के त्रियम्ब्केश्वर महादेव मंदिर में होती है विशेष रूप से
कालसर्प पूजा के बाद प्रतिबंध क्या है?
कहते है कालसर्प पूजा के बाद उस स्थान में रुकना प्रतिबंधित है
कालसर्प दोष पूजा मंत्र?
कालसर्प दोष पूजा मंत्र है – “ॐ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात”
काल सर्प दोष पूजा विधि कितने प्रकार की है?
कालसर्प दोष की पूजा विधि 12 प्रकार की होती है
कालसर्प दोष पूजा खर्च कितना लगता है?
कालसर्प दोष शांति पूजा में लगभग 3100 से 5100 रुपये तक का खर्च आता है
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