
किशोरी मोहे सेवा में लिजों भजन लिरिक्स यह सुन्दर भजन इन्द्रेश जी महाराज के स्वर में गाया हुआ है और भजन के पद जो की एक कथावाचक और संगीतकार दोनों है बहुत सुन्दर और मधुर भजन (Kishori Mohe Seva me Lijjo Bhajan Lyrics) इन्द्रेश उपाध्याय जी के मधुर स्वर में लिरिक्स प्रस्तुत है तो आइये स्मरण करें इस मुग्ध कर देने वाले भजन को :-
किशोरी मोहे सेवा में लिजों भजन लिरिक्स
Kishori Mohe Seva me Lijjo Bhajan Lyrics
Shri Indresh Upadhyay Ji Bhajan Lyrics
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
सेवा में लिजों लाड़ली,
किशोरी अपनों कर लिजों,
लाडली अपनों कर लिजों
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
भोर होत मेहलन में थारी,
सेवा में निस जाऊं,
मंगला के नित दर्शन पाऊं,,
जीवन सफल बनाऊं,
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाडली अपनों कर लिजों
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
पड़ी रहू मैं द्वार तिहारे,
रसिकन दर्शन पाऊं,
भगतन की रज धूलि मिले तो,
अपने सीस चढाउँ,
किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो,
लाड़ली द्वारे रख लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ॥
भूख लगे तो ब्रजवासिन के,
टूक मांग के खाऊं,
कबहु प्रसादी श्री महलन की,
कृपा होए तो पाऊं,
किशोरी मेरी विनय मान लीजो,,
लाडली विनय मान लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ॥
राधे राधे रहूं निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
श्यामा श्यामा रटु निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
तेरे ही गुण गाए गाए मैं,.
तेरी ही होय जाऊं,
किशोरी मोहे अपनी कर लीजो,,
लाड़ली अपनी कर लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ॥
संगीत गायक – इन्द्रेश उपाध्याय जी (भक्तिपथ) (Swar Indresh ji Maharaj)
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