मंगला गौरी व्रत कथा | Mangala Gauri Vrat Katha

मंगला गौरी व्रत कथा | Mangala Gauri Vrat Katha

मंगला गौरी व्रत कथा कोई साधारण कथा पूजन नहीं है यह संतान प्राप्ति के लिए बड़ा ही उत्तम व्रत है साथ ही पति की लम्बी आयु के लिए, (Mangala Gauri Vrat Katha) यदि मंगला गौरी व्रत विधि विधान के साथ की जाये तो अत्यंत लाभकारी परिणाम मिलते है ऐसा शास्त्रों में बताया गया है। पूजन के सबंधित लेख भी आपको जैसे मंगला गौरी पूजा विधि , मंगला गौरी स्तुति , मंगला गौरी की आरती उपलब्ध है क्लिक करें और लाभ उठाएं। तो आइये मंगला गौरी व्रत कथा स्मरण करें :-

एक समय की बात है, प्राचीन काल में एक छोटे से गांव में एक साहूकार अपनी पत्नी के साथ निवास करता था। साहूकार बड़ा ही धनवान था और उसके घर में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं थी, फिर भी उसको संतान सुख प्राप्त नहीं हो रहा था और दुखी रहा करता था। संतान की कमी उन्हें हमेशा कचोटती रहती थी।

एक दिन उस साहूकार के घर में साधु पधारे, साहूकार ने उनका आदर यथाशक्ति सत्कार किया और समस्या बताई। साधु ने साहूकार की पत्नी को सावन में मंगलवार को किए जाने वाले मंगला गौरी व्रत करने की सलाह दी। साथ में पूजा विधि के बारे में भी संपूर्ण जानकारी दी।

इसके बाद साहूकार की पत्नी ने सावन माह के पहले मंगलवार से ही गौरी मंगला का पूजन व्रत रखना शुरू कर दिया। अतः वह हर मंगलवार को विधि पूर्वक व्रत और पूजा पाठ करने लगी। इस प्रकार कई महीनों तक उसने वह व्रत किया। एक दिन उसकी धर्मनिष्ठा से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने भगवान शिव से साहूकार और उसकी पत्नी को संतान प्राप्ति का वरदान देने के लिए कहा।

साहूकार को उस रात स्वप्न में एक दिव्य शक्ति ने दर्शन देकर कहा कि- एक आम के पेड़ के नीचे भगवान गणेश की मूर्ति विराजमान है, तुम उस पेड़ से आम तोड़कर अपनी पत्नी को खिला देना, इससे तुम्हें संतान की प्राप्ति का सुख मिलेगा।

साहूकार ने अगले दिन सुबह उठकर अपनी पत्नी को इस सपने के बारे में बताया और वह उस आम के पेड़ को ढूंढने निकल पड़ा। काफी समय तक ढूंढने के बाद, आखिरकार साहूकार को वह आम का पेड़ मिला जहां भगवान गणेश की मूर्ति विराजमान थी। उसने आम तोड़ने के लिए उस पेड़ पर पत्थर मारना शुरू कर दिया।

पत्थर फेंकने से एक आम तो टूट कर नीचे गिर गया लेकिन गलती से एक पत्थर जाकर भगवान गणेश की प्रतिमा को लग गया। इससे भगवान गणेश क्रोधित हो गए और उन्होंने प्रकट होकर उस साहूकार को श्राप देते हुए कहा कि- हे स्वार्थी मनुष्य! तूने अपने स्वार्थ के कारण मुझे चोट पहुंचाई है, तुझे माँ पार्वती की कृपा से संतान की प्राप्ति तो होगी लेकिन उसकी मृत्यु 21 वर्ष की आयु में ही हो जाएगी।

यह सुनकर साहूकार बहुत घबरा गया और वो वापिस घर चला गया। उसने वह फल अपनी पत्नी को खिला दिया और किसी को भी इस घटना के बारे में नहीं बताया। कुछ समय पश्चात भगवान शिव और माता पार्वती के आशीर्वाद से साहूकार और उसकी पत्नी को पुत्र की प्राप्ति हुई। इससे उन दोनों के जीवन में खुशी का ठिकाना न रहा, लेकिन साथ ही साहूकार इस बात से भी चिंतित था कि उसका पुत्र अल्पायु होगा।

देखते ही देखते वह बालक 20 वर्ष हो गया और व्यापार में अपने पिता का हाथ बटाने लगा। एक दिन घर लौटते समय साहूकार पेड़ की छांव में तालाब किनारे बैठकर अपने पुत्र के साथ भोजन करने लगा। तभी वहां कमला और मंगला नामक दो कन्याएं कपड़े धोने के लिए आईं और कपड़े धोते हुए आपस में बात करने लगी।

कमला ने मंगला से कहा कि, मैंने इस सावन मास में प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखने का निश्चय किया है, तुम भी माँ पार्वती को समर्पित यह व्रत अवश्य करना। इससे माता पार्वती प्रसन्न होती हैं और आप पर उनकी कृपा दृष्टि बनी रहती है। इसे करने से मनोवांछित वर और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है। कमला की बात सुनकर मंगला भी इस व्रत को करने के लिए तैयार हो गई।

दूसरी ओर साहूकार ने दोनों कन्याओं के बीच यह पूरा संवाद सुन लिया और उसने अपने मन में यह सोचा कि यह कन्या मंगला गौरी व्रत को करती है, इससे इसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होगी। यह मेरे पुत्र के लिए एक योग्य वधू साबित होगी। ऐसा सोचकर वह उन दोनों के विवाह का प्रस्ताव कन्या के पिता के पास लेकर गया।

साहूकार की गांव में प्रतिष्ठा और मान होने के कारण कमला के पिता अपनी पुत्री का विवाह साहूकार के लड़के से करवा देते हैं। विवाह के पश्चात् भी कमला विधिपूर्वक मंगला गौरी का व्रत रखना जारी रखती है।

उसके इस भक्ति भाव से प्रसन्न होकर माता पार्वती एक दिन उसे स्वप्न में दर्शन देती हैं और कहती हैं कि, मैं तुम्हारी भक्ति से अत्यंत प्रसन्न हूँ, इसलिए तुम्हें अखंड सौभाग्य का वरदान देती हूँ। लेकिन तुम्हारा पति अल्पायु है, इसलिए अगले महीने मंगलवार के दिन एक सर्प तुम्हारे पति के प्राण लेने आएगा। तुम उसके लिए एक प्याले में मीठा दूध रख देना। उसके पास एक खाली मटका भी रख देना। सर्प दूध पीकर उस मटके में चला जाएगा और फिर तुम उस मटके को ऊपर से कपड़े द्वारा ढक देना।

अगले मंगलवार को कमला ने माता पार्वती की बात मानकर, एक प्याले में मीठा दूध रख दिया और पास में एक मटकी भी रख दी। सर्प ने आकर दूध पिया और मटकी में जाकर बैठ गया। कमला ने उस मटकी पर कपड़ा बांध कर उसे जंगल में रख दिया। माता पार्वती की कृपा से कमला के पति के प्राण बच गए। इस प्रकार मंगला गौरी व्रत के पुण्य फल से साहूकार का पुत्र श्राप मुक्त हो गया। जब कमला ने घर में सबको इस चमत्कार के बारे में बताया तो सभी आश्चर्यचकित रह गए। इसके बाद साहूकार और उसकी पत्नी ने अपने पुत्र और पुत्र वधु को आशीर्वाद दिया और पूरा परिवार सुख पूर्वक जीवन व्यतीत करने लगा।

जिस प्रकार माता की पूजा से साहूकार को आशीर्वाद मिला माता की पूजा जो भी स्त्री करे उसको माता अखंड सौभाग्य का वरदान देतीं है इसमें कोई सन्देश नहीं है।

इति श्री मंगला गौरी व्रत कथा सम्पूर्ण – बोलिए माता पार्वती की जय हो

जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।
ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल कदा दाता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।

अरि कुल पद्मा विनासनी, जय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा, हरि हर गुण गाता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।

सिंह को वाहन साजे, कुंडल है साथा।
देव वधु जहं गावत, नृत्य करता था।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।

सतयुग शील सुसुन्दर, नाम सटी कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी, सखियन रंगराता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।


mangla gauri vrat me kya khana chahiye ?

Mangal Gauri vrat me namak ka upyog nahi kiya jata, isliye fal fruit ya mitha ka sewan kare.

what is mangla gauri pooja ?

Is vrat ko mahilaye pati aur apne saubhagya ke liye rakhti hai jisme mata parvati aur bholenath ka pujan kiya jata hai.

when is mangla gauri vrat date ?

Last Mangala gauri vrat is 05 August 2025 and Every Savan In a year.


भगवानम डॉट कॉम पर हमने आपके लिए कुछ नए भाग भी जोडें है जिससे आपको और भी अन्य जानकारियां प्राप्त होती रहे जैसे | पौराणिक कथाएं | भजन संध्या | आरती संग्रह | व्रत कथाएं | चालीसा संग्रह | मंत्र संग्रह | मंदिर संग्रह | ब्लॉग | इन्हें भी पढ़ें और अपने विचार हमें कमेंट में बताये जिससे हम समय पर अपडेट करते रहे। हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें यू ट्यूब चेनल, इन्स्टाग्राम और फेसबुक से।

Scroll to Top