पढ़िए इन्द्रेश जी महाराज का एक और मधुर भजन “मोहन आओ तो सही भजन लिरिक्स”
मोहन आओ तो सही भजन लिरिक्स
Mohan Aao Toh Sahi Bhajan Lyrics
एकली खड़ी रे मेरा भाई,
एकली खड़ी हां एकली खड़ी रे मेरा भाई।
ओ एकली खड़ी रे मेरा भाई,
एकली खड़ी, एक खड़ी रे मेरा भाई।
हे मोहन, हे गिरधर, हे मोहन,
आओ तो सही रे गिरधर,
आओ तो सही माधववर रे।
मंदिर में मीराबाई एकली खड़ी,
मोहन आओ तो सही,
मोहन आओ तो सही।
गिरधर आओ तो सही रे माधव,
आओ तो सही माधव रे में खड़ी,
कहो तो सांवरा मैं मोर मुकुट बन जाऊं।
पैरन लागे सांवररो जी,
लागे सांवररो रे,
पैरन लागे सांवररो।
मैं तो मस्तक से लग जाऊं रे,
मैं तो मस्तक से लग जाऊं हां,
मैं तो मस्तक से लग जाऊं।
हे मोहन, आओ तो सही रे गिरधर,
आओ तो सही माधव रे,
मंदिर में मीराबाई अकेली खड़ी.
आओ तो सही रे माधव,
आओ तो सही रे।
मंदिर में श्री राधा गोविंद देव की….
कहो तो सांवरा,
में काजरिया बन जाऊं,
मैं सांवरा, मैं बन जाऊं।
नैन लगावे सांवररो जी,
मैं तो नैना में रम जाऊं रे।
हे मोहन, गिरधर, माधव रे,
मंदिर में मीराबाई खड़ी।
गुरु घर आओ तो सही रे माधव,
मंदिर में मीरा एकली खड़ी।
कहो तो सांवरा,
मैं पुष्प हार बन जाऊं,
पैरन लागे सांवररो,
मैं तो हिवड़ा से लग जाऊं रे।
कहो तो सांवरा,
मैं पद पायल बन जाऊं,
नाचन लागे सांवररो रे,
मैं तो चरणों में रम जाऊं रे।
हे मोहन, हे गिरधर,
मंदिर में मीराबाई एक खड़ी,
आओ तो सही रे माधव,
मंदिर में श्री राधा गोपीनाथ की…
कहो तो सांवरा,
मैं जल जमुना बन जाऊं,
नावन लागे सांवररो जी,
मैं तो अंग-अंग रम जाऊं रे।
हे गोविंद मेरो है,
गोपाल मेरो है,
राधा रमण बिहारी नंदलाल मेरो है।
गोपीनाथ बिहारी गोपाल मेरो है।
गिरधारी नंदलाल मेरो है।
जय जय श्री राधे… जय जय श्री राधे।
संगीत गायक – इन्द्रेश उपाध्याय जी (भक्तिपथ) (Swar Indresh ji Maharaj)
इन्द्रेश जी महाराज जो की प्रसिद्द कथावाचक कृष्णा चन्द्र शास्त्री जी के पुत्र भी है, इन्द्रेश उपाध्याय जी एक प्रसिद्ध युवा कथावाचक हैं, जिन्होंने भागवत कथा, राम कथा, और सनातन धर्म को जनमानस तक पहुँचाने का कार्य पूरे समर्पण से किया है। पढ़ें इन्द्रेश उपाध्याय महाराज जीवन परिचय, कथा सेवा व भक्ति पथ के बारे में और इन्द्रेश जी महाराज भजन लिरिक्स



