सज धज कर बेठी मॉ और मन्द मन्द मुस्काए भजन लिरिक्स

सज धज कर बेठी मॉ और मन्द मन्द मुस्काए भजन लिरिक्स | saj dhaz kr bethi maa aur mand mand muskaye

पढ़ें एक और नवरात्रि और माता के भजन श्रंखला में जोड़ा गया “सज धज कर बेठी मॉ और मन्द मन्द मुस्काए भजन लिरिक्स” तो आइये स्मरण करें और आनंद लें माता के ढोलक वाले लोकगीत का:-

सज धज कर बेठी मॉ
और मन्द मन्द मुस्काए
आओ नज़र उतारे मैया की
मेरी माँ को नज़र न लग जाय।

कोई काजल डिब्बी ले आओ
मेरी माँ को टीका लगा जाओ
मेरी प्यारी प्यारी मैया को
भगतो की नज़र ना लग जाय

जब मैया चलती पग रख कर
पैरो के घुंघरू बोल रहे
इस सुंदर सुंदर पायल को
कंजकों की नज़र ना लग जाये

मेरी माँ का मुखड़ा भोला हैं
चुनरी मे चंदा लिपटा हैं
इस सोने सोने मुखड़े को
चंदा की नज़र न लग जाय

मेरी माँ की लीला न्यारी हैं
तेरी सुंदर शेर सवारी हैं
इस जग की पालन हारी को
कही खुद की नज़र ना लग जय

भजन गायक / लिरिक्स :- नरेन्द्र चंचल जी


भगवानम डॉट कॉम पर हमने आपके लिए कुछ नए भाग भी जोडें है जिससे आपको और भी अन्य जानकारियां प्राप्त होती रहे जैसे | पौराणिक कथाएं | भजन संध्या | आरती संग्रह | व्रत कथाएं | चालीसा संग्रह | मंत्र संग्रह | मंदिर संग्रह | ब्लॉग | इन्हें भी पढ़ें और अपने विचार हमें कमेंट में बताये जिससे हम समय पर अपडेट करते रहे। हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें यू ट्यूब चेनल, इन्स्टाग्राम और फेसबुक से।

Scroll to Top