पढ़ें एक और नवरात्रि और माता के भजन श्रंखला में जोड़ा गया “सज धज कर बेठी मॉ और मन्द मन्द मुस्काए भजन लिरिक्स” तो आइये स्मरण करें और आनंद लें माता के ढोलक वाले लोकगीत का:-
सज धज कर बेठी मॉ और मन्द मन्द मुस्काए भजन लिरिक्स
सज धज कर बेठी मॉ
और मन्द मन्द मुस्काए
आओ नज़र उतारे मैया की
मेरी माँ को नज़र न लग जाय।
कोई काजल डिब्बी ले आओ
मेरी माँ को टीका लगा जाओ
मेरी प्यारी प्यारी मैया को
भगतो की नज़र ना लग जाय
जब मैया चलती पग रख कर
पैरो के घुंघरू बोल रहे
इस सुंदर सुंदर पायल को
कंजकों की नज़र ना लग जाये
मेरी माँ का मुखड़ा भोला हैं
चुनरी मे चंदा लिपटा हैं
इस सोने सोने मुखड़े को
चंदा की नज़र न लग जाय
मेरी माँ की लीला न्यारी हैं
तेरी सुंदर शेर सवारी हैं
इस जग की पालन हारी को
कही खुद की नज़र ना लग जय
भजन गायक / लिरिक्स :- नरेन्द्र चंचल जी
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