विवाह एवं हल्दी की रस्म में अशुभ क्या है।

विवाह एवं हल्दी की रस्म में अशुभ क्या है।

विवाह एवं हल्दी की रस्म

हमारी संस्कृति में शादि- विवाह में कई तरह के रस्में और परंपराएं निभाई जाती है। इन सभी परंपराओं के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक तथ्य छिपे हुए हैं। इन्हीं सभी रस्मों से एक है दूल्हा दुल्हन को हल्दी लगाने की परंपरा। ये परंपरा सदियों से चली आ रही है। शादी के बंधन में बंधने से करीब 3..5, दिन पहले से दूल्हा और दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है। आइए जानते हैं इस परंपरा से जुड़े तथ्यों के बारे में-:

विवाह में हल्दी के उपयोग ज्योतिष कारण-:

  • ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को विवाह और वैवाहिक संबंधों का मुख्य कारक ग्रह माना गया है। बिना गुरु ग्रह की शुभता के दांपत्य जीवन सुखद नहीं रह सकता। और हल्दी में काफी कुछ ऐसे तत्व विद्यमान होते हैं, जो गुरु ग्रह का प्रतिनिधित्व (Representativ) करते हैं, और गुरु ग्रह को बलवान करते हैं। जिससे व्यक्ति को गुरु ग्रह की शुभता व अनुकूलता प्राप्त होती है। अतः विवाह को शुभ तरीके से संपन्न करने के लिए गुरू ग्रह का अनुकूल होना अतिआवश्यक है। इसलिए दुल्हा दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है जिससे कि गुरु ग्रह का शुभ प्रभाव उनको प्राप्त हो सके

भगवान श्री विष्णु की मिलती है विशेष कृपा-:

  • भगवान श्री विष्णु को जगत पालनकर्ता कहा जाता है। पूरी सृष्टि का पालन भगवान विष्णुजी ही करते हैं। किसी भी शुभ कार्यों में भगवान विष्णु की पूजा करना बेहद जरूरी है। विवाह में पंचदेवों में भगवान विष्णु का पूजन भी किया जाता है। इनकी पूजा में विशेष रूप से हल्दी का होना विशेष महत्व माना गया है। साथ ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हल्दी को सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। इसलिए विवाह में दूल्हा और दुल्हन के सुखद भविष्य की कामना के लिए उन्हें हल्दी लगाई जाती है

हल्दी लगाने के पीछे वैज्ञानिक महत्व-:

  • धार्मिक मान्यताओं के हटकर हल्दी लगाने के पीछे वैज्ञानिक तथ्य भी हैं। वैज्ञानिक तौर पर हल्दी बहुत ही गुणकारी होती है। इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। ये आपकी त्वचा को इंफेक्शन से बचाती है और चेहरे की रंगत को निखारता है। हल्दी में पाए जाने वाले गुणों के कारण ही भारतीय परंपरा में दूल्हा और दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है

अतः ध्यान रहे विवाह में हल्दी की रस्म परंपरा को विधिवत करना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए और इस रस्म को केवल मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। यह हल्दी की रस्म केवल मात्र औपचारिकता भर नहीं है यह आपके दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने में अहम भूमिका निभाती है


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