भगवान श्री गणेश हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य (जिनकी पूजा सबसे पहले की जाती है) और विघ्नहर्ता (सभी बाधाओं और दुखों को दूर करने वाले) देवता माने जाते हैं।
यहाँ गणेश जी के बारे में कुछ मुख्य और महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं:
1. जन्म और परिवार
- माता-पिता: गणेश जी भगवान शिव (महादेव) और माता पार्वती के पुत्र हैं।
- भाई-बहन: भगवान कार्तिकेय और देवी अशोक सुंदरी उनके भाई-बहन हैं।
- पत्नियाँ और पुत्र: इनकी दो पत्नियाँ रिद्धि (समृद्धि) और सिद्धि (सफलता) मानी जाती हैं, और इनके दो पुत्र शुभ और लाभ हैं।
2. स्वरूप और पहचान
- गजमुख (हाथी का मस्तक): गणेश जी का सिर हाथी का है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती की आज्ञा का पालन करते समय भगवान शिव और गणेश जी में युद्ध हुआ था, जिसके बाद शिव जी ने उनका सिर धड़ से अलग कर दिया था। बाद में उन्हें पुनर्जीवन देने के लिए हाथी का सिर लगाया गया।
- वाहन: उनका वाहन मूषक (चूहा) है, जो इस बात का प्रतीक है कि छोटी से छोटी चीज़ भी जीवन में महत्वपूर्ण होती है।
- प्रिय भोग: उन्हें मोदक (लड्डू) और दूर्वा (दूब घास) अत्यंत प्रिय हैं।
3. गणेश जी के मुख्य गुण और महत्व
- विघ्नहर्ता: किसी भी शुभ कार्य जैसे नया व्यवसाय शुरू करना, शादी-विवाह, गृह प्रवेश या कोई भी पूजा-पाठ, सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है ताकि कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
- बुद्धि और ज्ञान के देवता: गणेश जी को बुद्धि, विद्या, और विवेक का दाता माना जाता है।
- महाभारत के लेखक: पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि वेदव्यास जी जब महाभारत महाकाव्य बोल रहे थे, तब गणेश जी ने ही उसे अपनी कलम (और अपनी एक टूटी हुई दंत) से लिखा था।
4. प्रमुख त्यौहार
- गणेश चतुर्थी: भाद्रपद महीने में मनाया जाने वाला यह त्यौहार गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश (विशेषकर महाराष्ट्र) में बड़े धूमधाम से 10 दिनों तक मनाया जाता है।
संक्षेप में, भगवान गणेश बुद्धि, समृद्धि, शुभता और सफलता के प्रतीक माने जाते हैं।