
गिरधर लाल तेरे लाढ लाढाऊ भजन | Girdhar Lal Tere Laadh Ladhau
गिरधर लाल तेरे लाढ लाढाऊ भजन यह सुन्दर भजन इन्द्रेश जी महाराज के स्वर में गाया हुआ है जो की एक कथावाचक और संगीतकार दोनों है बहुत सुन्दर और मधुर भजन (Girdhar Lal Tere Laadh Ladhau) इन्द्रेश उपाध्याय जी के मधुर स्वर में लिरिक्स प्रस्तुत है तो आइये स्मरण करें इस मुग्ध कर देने वाले भजन को :-
Indresh Ji Maharaj Bhajan Lyrics
गिरधर लाल तेरे लाढ लाढाऊ
ह्रदय कुञ्ज तेरा मंदिर बनाऊ
गिरधर लाल तेरे लाढ लाढाऊ
हे वास करो श्री जी संग प्यारे
निरखू नज़ारे सदा ही तुम्हारे
भाव विभोर हो रश जस गाऊ
गिरधर लाल तेरे लाढ लाढाऊ
एक मै एक तुम दोनों अकेले
एक दूजे के दोनों मन के मेले
आन कागत से तुमको छिपाऊ
गिरधर लाल तेरे लाढ लाढाऊ
इन्द्रेश्वर मेरे इष्ट तुम्ही हो
हे गिरधर मेरे मित्र तुम्ही हो
गोपाली रस का न रस बिसराऊ
गिरधर लाल तेरे लाढ लाढाऊ
गिरधर लाल तेरे लाड लाढो – 3
इसे भी पढ़ें – जुगल किशोर हमारे ठाकुर भजन
संगीत गायक – इन्द्रेश उपाध्याय जी (भक्तिपथ)
इन्द्रेश जी महाराज जो की प्रसिद्द कथावाचक कृष्णा चन्द्र शाश्त्री जी के पुत्र भी है, इन्द्रेश उपाध्याय जी एक प्रसिद्ध युवा कथावाचक हैं, जिन्होंने भागवत कथा, राम कथा, और सनातन धर्म को जनमानस तक पहुँचाने का कार्य पूरे समर्पण से किया है। पढ़ें इन्द्रेश उपाध्याय महाराज जीवन परिचय, कथा सेवा व भक्ति पथ के बारे में और इन्द्रेश जी महाराज भजन लिरिक्स
भगवानम डॉट कॉम पर हमने आपके लिए कुछ नए भाग भी जोडें है जिससे आपको और भी अन्य जानकारियां प्राप्त होती रहे जैसे | पौराणिक कथाएं | भजन संध्या | आरती संग्रह | व्रत कथाएं | चालीसा संग्रह | मंत्र संग्रह | मंदिर संग्रह | ब्लॉग | इन्हें भी पढ़ें और अपने विचार हमें कमेंट में बताये जिससे हम समय पर अपडेट करते रहे। हमसे जुड़ने के लिए फॉलो करें यू ट्यूब चेनल, इन्स्टाग्राम और फेसबुक से।


