गुरुवर तुम्हीं बता दो किसकी शरण में जायें लिरिक्स

गुरु पूर्णिमा भजन - Guru Purnima Bhajan Lyrics

गुरुवर तुम्ही बता दो किसकी शरण में जायें,
किसके चरण में गिरकर, अपनी व्यथा सुनायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो किसकी शरण में जायें।

अज्ञान के तिमिर ने, चारों तरफ से घेरा,
क्या रात है प्रलय की, होगा नहीं सवेरा,
पथ और प्रकाश दो तो, चलने की शक्ति पायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो, किसकी शरण में जायें।

जीवन के देवता का, करते रहे निरादर,
कैसे करें समर्पित, जीवन की जीर्ण चादर,
यह पाप की गठरिया, क्या खोलकर दिखायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो किसकी शरण में जायें।

माना कपूत है हम, क्या रुष्ट रह सकोगे,
मुस्कान प्यार अमृत, क्या दे नहीं सकोगे,
दाता तुम्हारे दर से, जायें तो किधर जायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो किसकी शरण में जायें।

गुरुवर तुम्ही बता दो, किसकी शरण में जायें,
किसके चरण में गिरकर, अपनी व्यथा सुनायें,
गुरुवर तुम्हीं बता दो किसकी शरण में जायें।


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