रिश्तों की गहराई अक्सर छोटी-छोटी बातों में छुपी होती है। जब कोई इंसान आपसे सच्चा प्रेम करता है तो वह आप पर गुस्सा भी करता है, रूठता भी है, क्योंकि उसके दिल में आपकी अहमियत होती है। लेकिन जिस दिन वो इंसान आप पर गुस्सा करना भी छोड़ दे, तब समझ जाना कि अब उसकी नज़रों में आपकी जगह पहले जैसी नहीं रही।
प्यार में गुस्सा भी अपनापन होता है, शिकायतें भी चाहत का हिस्सा होती हैं। क्योंकि कोई तभी शिकायत करता है, जब उसे उम्मीद हो कि आप उसे समझेंगे। अगर शिकायतें खत्म हो जाएं तो समझ लीजिए कि अब वह उम्मीद भी खत्म हो चुकी है।
इसलिए रिश्तों की कद्र कीजिए, गुस्से और नाराज़गी को बोझ मत समझिए। ये सब इशारे हैं कि अभी आप मायने रखते हैं। वरना खामोशी सबसे बड़ा जवाब होती है।
रिश्ते तोड़ना आसान है, लेकिन उन्हें बचाना और संभालना ही असली कला है। अहमियत खो देने से पहले, उन रिश्तों को सहेज लीजिए जो आपकी ज़िंदगी को खूबसूरत बनाते हैं।


